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जौनपुर। मोटापे से होता ब्लडप्रेशर-डा० प्रशांत कुमार पान्डेय

राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा
मुफ्तीगंज।  हाई  प्रकाशन डे पर डा० प्रशांत कुमार पान्डेय ने बताया कि मोटापा ही ब्लडप्रेशर का कारण है। शोध एवं अनुसंधानों से यह स्पष्ट हो चुका है मोटापा उच्च रक्तचाप का बहुत बड़ा कारण है। उन्होने बताया कि एक मोटे ब्यक्ति में उच्च रक्तचाप का खतरा एक समान्य ब्यक्ति की तुलना में बहुत बढ़ जाता है खेल कूद व्यापाम की कमी के कारण शारीरिक क्रियाओं में भाग न लेने से उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है जैसे जैसे ब्यक्ति की उम्र बढ़ती है। रक्त वाहिकाओं की दिवारें कमजोर होती जाती है। जिससे उच्च रक्तचाप की समस्या पैदा हो जाती है
पान्डेय जी ने बताया कि मोटापा कैसे कम होगा जब मोटापा कम हो जायेगा ब्लडप्रेशर नियंत्रित हो जायेगा। मोटापा कम करने के लिए व्यायाम करना, गहरी नींद लेना, तनाव मुक्त रहना और उचित भोजन लेने से नियंत्रित किया जा सकता है ।
उन्होने यह भी बताया कि ऐसे में अलकोहल लेना नशीली दवा का प्रयोग करना भी खतरे से खाली नहीं जाता है इससे बचना चाहिए। हर ब्यक्ति को 30 साल के उम्र के बाद कम से कम साल में एक बार ब्लडप्रेशर का मिश्योर करवाना चाहिए जिससे आप के अन्दर आने वाली बिमारियों की जानकारी हो सके |

आज पूरी दुनियाँ मे उच्च रक्त चाप  hypertension एक गंभीर समस्या बनी हुई है। आम भाषा में हम इसे High Blood Pressure (BP) कहते है। यह एक जानलेवा बीमारी है। High Blood Pressure एक शांत ज्वालामुखी की तरह है जिसमे बाहर से कोई लक्षण या खतरा नहीं दिखाई नहीं देता पर जब यह ज्वालामुखी फटता है तो हमारे शरीर पर लकवा और हार्ट अटैक जैसे गम्भीर परिणाम हो सकते है। पहले यह माना जाता था की यह समस्या उम्रदराज लोगो की समस्या है लेकिन बदलते माहौल मे hypertension की समस्या बच्चो और युवाओ मे भी फैलती जा रही है।
क्या होता है BLOOD PRESSURE (BP)
धमनियो में रक्त के दबाव को बढ़ने को Blood Pressure कहते है।  धमनिया शरीर मे रक्त वाहिकाए होती है जो हृदय से रक्त को सभी अंगो तथा ऊतको (tissue) तक पहुंचाती है।

MEASURING OF BLOOD PRESSURE

Blood Pressure को मापने की इकाई मिलीमीटर/मर्करी (mm.Hg) है। इसे Sphygmomanometer से  मापा जाता है। Blood Pressure को दो संख्याओ मे मापा जाता है। उदाहरण के तौर पर व्यसक का Blood Pressure 120/80 mm/Hg माना जाता है। जबकि इसका माप 140/90 mm/Hg हो तो इसे उच्च रक्त चाप माना जाता है।

HYPERTENSION (HIGH BLOOD PRESSURE) के क्या लक्षण है

Hypertension का ज़्यादातर लोगो में कोई खास लक्षण नहीं होते है। कुछ लोगो में ज्यादा Blood Pressure बढ़ जाने पर सरदर्द होना, ज़्यादा तनाव, सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में परेशानी, अचानक घबराहट, समझने या बोलने में कठिनाई, चहरे, बांह या पैरो में अचानक सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस होना या धुंदला दिखाई देना जैसे लक्षण दिखाई देते है

क्यो होता है HYPERTENSION (HIGH BLOOD PRESSURE)

आनुवंशिकता(heredity)- आनुवंशिकता Hypertension का मुख्य कारण है। अगर किसी परिवार मे उच्च रक्त चाप की समस्या होती है तो उनकी अगली पीड़ी भी इस समस्या से ग्रस्त हो जाती है। यह व्यक्तियों के जींस का एक पीड़ी से दूसरी पीड़ी मे स्थानान्तर होने की वजह से होता है।
मोटापा(obesity)- शोध एवं अनुसंधानो से स्पष्ट हो चुका है की मोटापा उच्च रक्त चाप का बहुत बढ़ा कारण है। एक मोटे व्यक्ति मे उच्च रक्त चाप का खतरा एक समान्य व्यक्ति की तुलना मे बहुत बढ़ जाता है।

व्यायाम की कमी- खेल-कूद, व्यायाम, एवं शारीरिक क्रियाओ मे भाग न लेने से भी उच्च रक्त चाप का खतरा बढ़ जाता है। आयु- जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है रक्त वाहिकाओ मे दिवारे कमजोर होती जाती है जिससे उच्च रक्त चाप की समस्या पैदा हो जाती है।
विभिन्न बीमारियां- हृदयघात, हृदय की बीमारियाँ, गुर्दो का फ़ेल होना, रक्त वाहिकाओ का कमजोर होना आदि बीमारियो के कारण उच्च रक्त चाप हो जाता है।
इन कारणो के अलावा अधिक नमक का सेवन और अत्यधिक मात्रा मे अल्कोहल, धूम्रपान अवम कॉफी का सेवन करने से उच्च रक्त चाप की समस्या पैदा हो सकती है।
कैसे बचे HYPERTENSION (HIGH BLOOD PRESSURE) से

उच्च रक्त चाप के लक्षण कई सालो और दशको तक दिखाई नहीं देते। इसलिए इसे silent killer भी कहा जाता है। इससे बचने के लिए व्यक्ति को समय समय पर अपने रक्त-दबाव का मापन करवाते रहना चाहिए। यदि सही समय पर इसका इलाज न करवाया गया तो उच्च रक्त चाप को नियंत्रित करने के लिए दवाइयो का सहारा लेना पढ़ता है। दवाओ का नियमित सेवन करने से व्यक्ति की जीवन शैली बदल जाती है। उच्च रक्त चाप से बचाव के लिए कुछ उपायो का वर्णन नीचे किया गया है।
मोटापे को नियंत्रित करने, नियमित व्यायाम करने, गहरी नींद लेने, तनाव मुक्त रहने और उचित आहार लेने से उच्च रक्त चाप को नियंत्रित किया जा सकता है। ज्यादा अल्कोहल, धूम्रपान का प्रयोग और नाशिली दवाओ का सेवन करने से उच्च रक्त चाप के होने की संभावना होती है अत: इनका प्रयोग नहीं करना चाहिए। यदि आप मधुमेह के रोगी है तो शुगर को नियंत्रित करे। तनाव से बचना चाहिए और खुश रहने की आदत डालनी चाहिए। गहरी नींद लेनी चाहिए।
उच्च रक्त चाप से बचने के लिए भोजन का बहुत महत्व है अगर उचित भोजन लिया जाए तो इससे बचा जा सकता है। भोजन मे नमक की मात्रा कम हो। पोटैशियम को उचित मात्रा मे लेने से उच्च रक्त चाप का स्तर अच्छा हो जाता है। इसके अलावा आहार मे फल जैसे केला, संतरा, नाशपाती, टमाटर, सूखे मटर, बादाम और आलू अवश्य शामिल करे क्योकि इनमे पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है। चिकनाई या fat वाला खाना कम मात्रा मे खाये।
Dr Prashant Pandey
MD(Med),FIPC,FICCM
CCD
General physician
9407255870,9340685894

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