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जौनपुर। मोदी सरकार किसानों को 17 रुपए का चेक देकर सम्मान नहीं झुनझूना दिया है- डॉ.आरसी पाण्डेय

जौनपुर ( 06फर.) मोदी सरकार किसानों को सम्मान योजना के तहत एक दिन में 17 रुपए देकर सरकार ने किसानों का सम्मान के बजाए अपमान कर रही है। सरकार बार बार किसानों को अपमानित कर रही है उसकी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त समन्वयक डॉ आर. सी. पांडेय ने तहसील स्थित मड़ियाहूं एसडीएम को पीएम को सम्बोधित ज्ञापन देकर कही। डॉ. पांडेय ने केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम बजट में किसानों को छह हजार वार्षिक भत्ता देने पर कड़ा रोष व्यक्त किया कहा कि गत लोकसभा चुनावों में भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों की आय दुगुनी करने के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की बात कही थी पर इतना समय बीत जाने के बाद भी उसे पूरा करने की बजाए सरकार हर मौके पर किसानों को अपमानित कर रही है जो असहनीय है।
उन्होंने कहा कि किसान को एक दिन में 17 रुपए देकर सरकार ने किसानों का सम्मान की बजाए अपमान किया है। इतने में तो दूध की एक थैली भी नहीं आती। इसीलिए आज किसान 17 रुपए के चेक को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एसडीएम के माध्यम से लौटा रहे हैं। ज्ञापन के समय उपस्थित किसानों ने कहा कि लाखों का सूट पहनने वाले प्रधानमंत्री एक किसान के दर्द को नहीं समझ सकते। उनको नींद से जगाने के लिए उनको यह चेक भेज रहे हैं।
किसानों की बातों का समर्थन करते हुए डॉ पांडेय ने कहा कि किसान उसकी फसल का निर्धारित समर्थन मूल्य नहीं मिलने की वजह से कर्ज के दलदल में फंस गया है। मोदी सरकार ने उन किसानों की कोई मदद नहीं की अलबत्ता अपने 15 चहेते उद्योगपतियों के साढ़े 3 लाख करोड़ से अधिक का कर्जा माफ कर दिया। गम्भीर बात ये भी है कि राफेल विमान की खरीद में देश के किसान की गाढ़े खून पसीने की कमाई को मोदी ने अपने मित्र अनिल अम्बानी की जेब में डाल दिया है।
देश में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए डॉ पांडेय ने कहा कि केंद में एनडीए सरकार बनने के बाद इस दर में लगातार इजाफा हुआ है। किसानों की सुध लेने की बजाए लगातार उनकी मांगों को अनसुना किया जाता रहा है। इसी कारण विवश होकर किसान ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हुए हैं। इस बजट में किसानों को ठोस राहत देने की बजाय 17 रुपए प्रतिदिन देने का झुनझुना थमा दिया जो एक जुमले से ज्यादा कुछ नहीं है।भूमिहीन किसानों को इस योजना से वंचित रखने और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ना देने से सरकार की मंशा साफ जाहिर हो गई है। इसके साथ आवारा पशुओं से खेती को रहे नुकसान से बचाने के लिए किसी योजना का बजट में प्रावधान ना करने से स्पष्ट हो गया है कि केंद्र किसानों की समस्याओं को लेकर कतई गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा की आड़ में हुई लूट को किसान भूले नहीं हैं। तीन साल में पेट्रोलियम पदार्थों में हुई भारी वृद्धि ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और किसान कांग्रेस के चेयरमैन नाना पटोले के आह्वान पर देश भर में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे उनकी मांगों को पूरी होने तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर देश के किसानों के कर्जे माफ किये जायेंगे और गरीबों को न्यूनतम आय की गारन्टी दी जाएगी।
ज्ञापन के दौरान अनिल सोनकर, तालुकदार दुबे, आनंद सेठ, विनय तिवारी, राकेश त्यागी, अलाउद्दीन कुरैसी, के पी प्रजापति , रामजी मिश्र, हरदीप सिंह सोनू, शैलेन्द्र गौतम, नारायण साहू,आदि उपस्थित रहे।

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