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जौनपुर। गोरख धंधे में लिप्त आकाओं से बातचीत में एसटीएफ ने जिले में दर्जनों लोगों को उठाया, परिजन हलकान

जौनपुर (22फर.)। मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र में मड़ियाहूं, जमालपुर गांव के युवकों को किसी पेपर लीक मामले में लखनऊ की एसटीएफ टीम ने मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के छः लोगों को उठाकर अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है। एसटीएफ टीम द्वार अचानक उठा लेने से गायब हुए युवकों की परिवार में खलबली मची हुई है। यहां तक की मड़ियाहूं थाने में अपहृत एक युवक का अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों की माना जाय तो इस मामले में जनपद से करीब 14 लोगों को एक ही दिन उठाकर वाराणसी के सारनाथ में रखा गया है जहां पूछताछ जारी है।
बताया जा रहा है पैसा लेकर नौकरी दिलाने के गोरखधंधे में लिप्त जनपद के कई गांव के लोगों का एसटीएफ टीम मोबाइल सर्विलांस से कई महीने से निगाह रखे हुई थी। इस गोरखधंधे में लिप्त आकाओं से फोन पर बातचीत करने वाले लोगों को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने सहयोगी मानकर शक के आधार पर मंगलवार को लोकेशन लेकर पुलिस 14 लोगों को जगह-जगह से हिरासत में लेकर रखा है और पूछताछ जारी किया है।
इस संबंध में मड़ियाहूं के टीचर कॉलोनी में किराए का मकान लेकर सपही निवासी अध्यापक सूरज सिंह को मड़ियाहूं शहर से उठाया, और रामपुर थाना के जमालापुर गांव के उधम सिंह, अभिनाश उर्फ कांके जायसवाल, सरौना थाना मड़ियाहूं निवासी ललित उर्फ काजू मिश्र, अजीत सिंह पिंटू निवासी दामोदरा गांव निवासी थे सभी सरौना गांव के शैलेंद्र मिश्रा के गोद भराई कार्यक्रम में गोंडा जनपद गए थे वहां से अयोध्या पहुंचकर राम लला का दर्शन कर वापस लौट रहे थे कि रास्ते में ही एसटीएफ टीम ने इन को रोक लिया और गाड़ी में सवार सभी लोगों को लेकर चले गए। इस दौरान एसटीएफ अधिकारियों ने सभी का मोबाइल स्विच ऑफ करा दिया जिससे अपने घर पर भी सूचना नहीं दे पाएं। इसी तरह सपही गांव के निवासी सूरज सिंह मड़ियाहूं में स्थित टीचर कॉलोनी में किराए का मकान में रहते हैं। पेशे से अध्यापक सूरज को मंगलवार की लगभग 8:00 बजे रात एक वैवाहिक समारोह के लिए निकले थे कि एसटीएफ‌ टीम ने पकड़ कर अपने साथ ले गए उसकी पत्नी और दोस्तों ने उन्हें काफी ढूंड़ा। लेकिन वह नहीं मिले तो मड़ियांहू थाने में जाकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जाता है कि सभी को वाराणसी स्थित सारनाथ में रखा गया है। आशंका जताई जा रही है कि एक रेलवे और वीडीओ के पेपर लीक मामले में तफ्तीश चल रहीं है। जिसमें काफी धांधली कर नौकरी दिलाने का काम किया गया है। जिन आकाओं ने इस काम को अंजाम दिया है उनसे फोन पर जो भी बातचीत किया एसटीएफ की टीम सर्विलांस के जरिए ट्रेस कर सभी को धीरे-धीरे उठाकर पूछताछ के जरिए मुख्य आरोपी के गिरेबान तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। जमालापुर के उधम सिंह के चाचा मनोज सिंह ने बताया कि एसटीएफ से मेरी बुधवार को वाराणसी में बातचीत हुई है उन्होंने कहा है कि अगर इस मामले में दोषी नहीं है तो उनको शीघ्र छोड़ दिया जाएगा लेकिन जांच में सहयोग करते रहे।

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